Attacks on Democracies and Embrace of Dictators | Global Democracy in Crisis
दुनिया के लोकतंत्रों पर हमले और तानाशाहों के साथ गलबहियां | वैश्विक लोकतंत्र संकट Attacks on Democracies and Embrace of Dictators | Global Democracy in Crisis Global Democracy Crisis, Rise of Authoritarianism) इक्कीसवीं सदी को कभी लोकतंत्र की सदी कहा गया था। शीतयुद्ध की समाप्ति के बाद यह विश्वास गहराया कि अब दुनिया निरंकुशता से मुक्त होगी, शासन जनता के प्रति जवाबदेह होगा और मानवाधिकार सार्वभौमिक मूल्य बनेंगे। लेकिन आज वही सदी लोकतंत्र के सबसे गंभीर संकट की सदी बनती जा रही है। दुनिया के कई हिस्सों में लोकतांत्रिक संस्थाएँ कमजोर की जा रही हैं, निर्वाचित नेताओं को बदनाम किया जा रहा है और सत्ता के केंद्र तानाशाहों के साथ खुले या छिपे रूप में गलबहियां कर रहे हैं। यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि सभ्यतागत संकट है। लोकतंत्र: एक असुविधाजनक व्यवस्था / Democracy as an Inconvenient System (SEO Focus: Why Democracy is Under Threat) लोकतंत्र सत्ता के लिए कभी सहज व्यवस्था नहीं रहा। यह प्रश्न करता है, रोकता है, संतुलन बनाता है और समय लेता है। संसद में बहस, न्यायपालिका की समीक्षा, मीडिया क...