भारत में वायु गुणवत्ता
वायु गुणवत्ता आज भारत के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिकीकरण, और जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ परिवहन और ऊर्जा की बढ़ती मांग ने वायु प्रदूषण को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। इसके परिणामस्वरूप, मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं। भारत में वायु गुणवत्ता की स्थिति भारत में वायु गुणवत्ता की स्थिति चिंताजनक है। दिल्ली, मुंबई, कानपुर, वाराणसी, और पटना जैसे प्रमुख शहर विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में गिने जाते हैं। भारत में वायु गुणवत्ता को मापने के लिए "एयर क्वालिटी इंडेक्स" (AQI) का उपयोग किया जाता है। AQI के अनुसार, वायु को छह श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है - अच्छी, संतोषजनक, मध्यम, खराब, बहुत खराब, और गंभीर। सर्दियों के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जब तापमान गिरने से प्रदूषक कण वायुमंडल में ठहर जाते हैं। दिवाली के दौरान पटाखों का धुआं और पंजाब, हरियाणा में पराली जलाने से उत्पन्न धुआं उत्तर भारत में वायु गुणवत्ता को और खराब कर देता है। वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण 1. वाहन उत्सर्जन: भारत में ...