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अमेरिका की नैतिक अश्लीलता, ट्रम्प की बौद्धिक नपुंसकता, और रूस–भारत साझेदारी: भू-राजनीति का नया सत्य

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अमेरिका की नैतिक अश्लीलता, ट्रम्प की बौद्धिक नपुंसकता, और रूस–भारत साझेदारी: भू-राजनीति का नया सत्य विश्व राजनीति के ध्रुव लगातार बदल रहे हैं, परंतु कुछ सत्य इतने स्पष्ट हैं कि उन्हें नज़रअंदाज़ करना स्वयं इतिहास से मुँह मोड़ने जैसा है। इन सत्यों में सबसे बड़ा सत्य आज यह है कि अमेरिका अपने नैतिक उपदेशों का स्वयं पालन नहीं करता , और Donald Trump के नेतृत्व में यह विरोधाभास अब मात्र राजनीति नहीं रहा — यह एक खुली नैतिक अश्लीलता बन चुका है। और यदि इस विरोधाभास की किसी एक पंक्ति में व्याख्या करनी पड़े, तो कहा जा सकता है: “यह ट्रम्प की बौद्धिक नपुंसकता की ही देन है।” दूसरी ओर, आज भारत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जो बयान दिए, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि रूस भारत को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक सम्मानित, स्वायत्त और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। I. अमेरिका का दोहरा आचरण: रूस से परमाणु ईंधन लेना और भारत को दंडित करना अमेरिका वर्षों से यह कहता चला आया है कि रूस के साथ ऊर्जा व्यापार “वैश्विक सुरक्षा” के लिए ख़तरनाक है। परंतु इन उपदेशों की आड़ में वही अमेरिका रूस से विशेषीकृ...