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  ईरान-इज़राइल युद्ध और पाकिस्तान की पेंडुलम नीति ईरान-इज़राइल युद्ध 2025 पाकिस्तान क्यों पेंडुलम की तरह झूल रहा है? पेंडुलम पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच झूलती विदेश नीति अमेरिका-पाक संबंध शीत युद्ध से लेकर CPEC तक की यात्रा आसिफ मुनीर की बैठक व्हाइट हाउस में गुप्त वार्ता और डील एजेंडा ईरान-पाक रिश्ते धार्मिक असहजता, सीमावर्ती संघर्ष और बार्टर व्यापार ईरान-इज़राइल युद्ध 13 जून के हमले, 22 जून की जवाबी कार्रवाई पाक नीति: दो चेहरा बयान कुछ, व्यवहार कुछ और पेंडुलम क्यों? IMF, सऊदी दबाव, ईरान की सीमा और आतंकवाद भविष्य की दिशा अ...

ऑपरेशन सिन्दूर 2025

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ऑपरेशन सिन्दूर 2025: भारत का वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव ऑपरेशन सिन्दूर 2025: भारत का वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव Post Operation Sindoor: Global and Regional Impact of India in 2025 भूमिका 2025 में काल्पनिक ऑपरेशन 'ऑपरेशन सिन्दूर' भारत की रक्षा और विदेश नीतियों के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ बन गया। इस अभियान ने भारत की सैन्य क्षमता, रणनीतिक इच्छाशक्ति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी साख को पुनः परिभाषित किया। ऑपरेशन सिन्दूर: पृष्ठभूमि और उद्देश्य 1. पृष्ठभूमि ऑपरेशन की आवश्यकता तब उत्पन्न हुई जब सीमा पर बढ़ती घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। 2. उद्देश्य आतंकवादी ठिकानों को निष्क्रिय करना सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल करना भारत की सुरक्षा नीति में निर्णायकता लाना अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सक्रियता को सुदृढ़ करना 3. अभियान की संरचना सेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से इस अभियान को अंजाम दिया गया। ...

भारत और चीन के एक साथ आने का भारत पर प्रभाव

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भारत और चीन के एक साथ आने का भारत पर प्रभाव पश्चिमी दुनिया एशिया मेन एक नए महा युद्ध की जमीन तलाश रही है | भारत और चीन को आपस मेन उलझाने की कोशिश मेन है | आज एक ब्रिटीश एक्सपर्ट का बयान देखकर आश्चर्य नेहीन हुआ कि भारत को पाकिस्तान को छोड चीन पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए | पर क्यों ? पश्चिमी आर्थिक सामरिक वर्चस्व को चुनौती देने वाली दो एशियाई टकटो को कमजोर कर अमेरिका-यूरोप का सदाबहार बरचसव स्थापित करना इसका एक मात्र कारण है | एशिया का विकास रोकने के लिए ही अमेरिका एशिया की आतंकवादी शक्तियों का पोषक और एशियाई भूमि की अशांति का हेतु रहा है | यदि ये दोनों शक्तियाँ इन संभावनाओं और यूरोपीय दुर्भावनाओं को धता बताते हुए साथ आजाएँ तो क्या हो सकता है ? इसकी एक झलक यहाँ प्रस्तुत है | भारत और चीन के एक साथ आने का भारत पर प्रभाव 21वीं सदी को एशिया की सदी कहा जा रहा है, और इसमें दो मुख्य देश — भारत और चीन — वैश्विक स्तर पर निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। यदि ये दोनों देश सहयोग के पथ पर आते हैं, तो यह भारत के लिए कई मायनों में लाभदायक, तो कई मायनों में चुनौतीपूर्ण भी हो...

अमेरिका और तुर्की जैसे शक्तिशाली राष्ट्र और विश्व आतंकवाद की चुनौती

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आतंकवाद आज विश्व के समक्ष एक सबसे बड़ा और जटिल संकट बन चुका है। यह न केवल निर्दोष लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि वैश्विक स्थिरता, आर्थिक प्रगति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को भी गहराई से प्रभावित करता है। अमेरिका, तुर्की और पाकिस्तान जैसे राष्ट्र इस संकट से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जूझ रहे हैं। भारत, जो स्वयं आतंकवाद का दीर्घकालीन शिकार रहा है, इस वैश्विक विमर्श का एक महत्वपूर्ण पक्ष बन चुका है। इस लेख में हम अमेरिका, तुर्की और पाकिस्तान की आतंकवाद-रोधी नीतियों के विश्लेषण के साथ-साथ भारत के अनुभवों और रणनीतियों को भी जोड़कर देखेंगे। 1. अमेरिका और आतंकवाद 1.1 9/11 के बाद की अमेरिकी नीति: 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले ने अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक और आक्रामक नीति अपनाने पर मजबूर किया। इसके पश्चात " ग्लोबल वॉर ऑन टेरर " की अवधारणा सामने आई और अमेरिका ने अफगानिस्तान और इराक में सैन्य हस्तक्षेप किया। 1.2 सैन्य और तकनीकी रणनीति: अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन स्ट्राइक, साइबर सर्विलांस, और विशेष बलों के अभियान का प्रयोग ...