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  ईरान-इज़राइल युद्ध और पाकिस्तान की पेंडुलम नीति ईरान-इज़राइल युद्ध 2025 पाकिस्तान क्यों पेंडुलम की तरह झूल रहा है? पेंडुलम पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच झूलती विदेश नीति अमेरिका-पाक संबंध शीत युद्ध से लेकर CPEC तक की यात्रा आसिफ मुनीर की बैठक व्हाइट हाउस में गुप्त वार्ता और डील एजेंडा ईरान-पाक रिश्ते धार्मिक असहजता, सीमावर्ती संघर्ष और बार्टर व्यापार ईरान-इज़राइल युद्ध 13 जून के हमले, 22 जून की जवाबी कार्रवाई पाक नीति: दो चेहरा बयान कुछ, व्यवहार कुछ और पेंडुलम क्यों? IMF, सऊदी दबाव, ईरान की सीमा और आतंकवाद भविष्य की दिशा अ...

अमेरिका और ईरान के बीच पेंडुलम पाकिस्तान

🇺🇸 अमेरिका, 🇮🇷 ईरान और 🇵🇰 पाकिस्तान: त्रिकोणीय समीकरण 1. अमेरिका-ईरान शत्रुता का इतिहास: 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से अमेरिका और ईरान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम और "शिया विस्तारवाद" को लेकर सख्त है। 2. पाकिस्तान की स्थिति: पेंडुलम क्यों? भौगोलिक स्थिति : पाकिस्तान की सीमाएं अफगानिस्तान, ईरान और भारत से लगती हैं। यह अमेरिका और ईरान दोनों के लिए रणनीतिक दृष्टि से अहम है। राजनीतिक झुकाव : अमेरिका से रक्षा सहयोग, IMF ऋण, और अफगान नीति के तालमेल। ईरान से ऊर्जा सहयोग, खासकर पाइपलाइन परियोजनाएं जैसे "IPI गैस पाइपलाइन"। धार्मिक और सामरिक समीकरण : पाकिस्तान एक सुन्नी-बहुल देश है, जबकि ईरान शिया नेतृत्व वाला। इसके बावजूद दोनों में कभी-कभी सहयोग देखने को मिलता है, खासकर अफगान मामले में। 3. पाकिस्तान की दोतरफा नीति: जब अमेरिका अफगानिस्तान में सक्रिय था, पाकिस्तान ने अमेरिकी हितों को साधने का प्रयास किया। वहीं, जब अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर पहुंचा, पाकिस्तान ने खुद को 'मध्यस्थ' की भूमिका में प्रस्तुत करने की ...

अमेरिका और तुर्की जैसे शक्तिशाली राष्ट्र और विश्व आतंकवाद की चुनौती

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आतंकवाद आज विश्व के समक्ष एक सबसे बड़ा और जटिल संकट बन चुका है। यह न केवल निर्दोष लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि वैश्विक स्थिरता, आर्थिक प्रगति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को भी गहराई से प्रभावित करता है। अमेरिका, तुर्की और पाकिस्तान जैसे राष्ट्र इस संकट से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जूझ रहे हैं। भारत, जो स्वयं आतंकवाद का दीर्घकालीन शिकार रहा है, इस वैश्विक विमर्श का एक महत्वपूर्ण पक्ष बन चुका है। इस लेख में हम अमेरिका, तुर्की और पाकिस्तान की आतंकवाद-रोधी नीतियों के विश्लेषण के साथ-साथ भारत के अनुभवों और रणनीतियों को भी जोड़कर देखेंगे। 1. अमेरिका और आतंकवाद 1.1 9/11 के बाद की अमेरिकी नीति: 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले ने अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक और आक्रामक नीति अपनाने पर मजबूर किया। इसके पश्चात " ग्लोबल वॉर ऑन टेरर " की अवधारणा सामने आई और अमेरिका ने अफगानिस्तान और इराक में सैन्य हस्तक्षेप किया। 1.2 सैन्य और तकनीकी रणनीति: अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन स्ट्राइक, साइबर सर्विलांस, और विशेष बलों के अभियान का प्रयोग ...