विजय हज़ारे ट्रॉफी: भारतीय क्रिकेट की प्रयोगशाला और भविष्य की तैयारी
भारतीय क्रिकेट की असली धड़कन अंतरराष्ट्रीय स्टेडियमों में नहीं, बल्कि घरेलू मैदानों की पिचों पर सुनाई देती है। रणजी ट्रॉफी जहाँ टेस्ट क्रिकेट की आत्मा को गढ़ती है, वहीं विजय हज़ारे ट्रॉफी भारत के वनडे क्रिकेट की रीढ़ है। यह टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों की तकनीक को परखता है, बल्कि चयनकर्ताओं के लिए भविष्य के अंतरराष्ट्रीय सितारों की पहचान का सबसे भरोसेमंद मंच भी है। आज जब भारतीय क्रिकेट तीनों फॉर्मेट में विश्व क्रिकेट का नेतृत्व कर रहा है, तब उसके पीछे घरेलू ढांचे की वह मज़बूती है, जिसकी एक अहम कड़ी विजय हज़ारे ट्रॉफी है। नाम के पीछे का इतिहास: विजय हज़ारे का विरासत-बोध इस टूर्नामेंट का नाम विजय सैमुअल हज़ारे के सम्मान में रखा गया—जो भारतीय क्रिकेट के शुरुआती स्तंभों में से एक थे। हज़ारे ने न केवल भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला, बल्कि उस दौर में भारतीय बल्लेबाज़ी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिलाया, जब क्रिकेट पर अंग्रेज़ी वर्चस्व था। उनका नाम इस टूर्नामेंट से जोड़ना एक प्रतीकात्मक निर्णय था—यह संदेश देने के लिए कि भारतीय वनडे क्रिकेट की जड़ें परंपरा, अनुशासन और तकनीकी परिपक्वता में ह...