The Poor Card and the Challenges of India’s Economic Development
गरीब कार्ड और भारत के आर्थिक विकास की चुनौतियाँ (The Poor Card and the Challenges of India’s Economic Development) भारत की राजनीति और अर्थव्यवस्था के समकालीन विमर्श में “गरीब कार्ड” एक ऐसा शब्द बन चुका है, जो न केवल चुनावी रणनीति को परिभाषित करता है, बल्कि देश के विकास मॉडल की अंतर्विरोधी प्रकृति को भी उजागर करता है। यह शब्द अपने आप में न तो पूरी तरह नकारात्मक है और न ही पूरी तरह सकारात्मक; बल्कि यह उस सामाजिक-आर्थिक यथार्थ का संकेतक है, जिसमें भारत आज भी जी रहा है। प्रश्न यह नहीं है कि गरीब कार्ड खेला जा रहा है या नहीं, बल्कि यह है कि गरीब कार्ड क्यों आज भी इतना प्रभावी है और यह भारत के आर्थिक विकास के रास्ते में किस प्रकार की चुनौतियाँ खड़ी करता है। 1. गरीब कार्ड: एक राजनीतिक युक्ति या सामाजिक विवशता (Poor Card: Political Tool or Social Compulsion) गरीबी भारत में कोई कृत्रिम गढ़ी गई समस्या नहीं है। यह ऐतिहासिक, औपनिवेशिक, सामाजिक और संरचनात्मक कारणों से बनी हुई वास्तविकता है। आज़ादी के बाद भारत ने योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक क्षेत्र, भूमि सुधार और कल्याणकारी राज्य की अवधार...