दक्षिण अफ्रीका के Expropriation Act 2024–25 पर एक तीखा हमला

अमेरिकी प्रतिक्रिया

दक्षिण अफ्रीका के Expropriation Act 2024–25 (जिसे जनवरी 2025 में राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने हस्ताक्षरित किया) ने वैश्विक बहस को हवा दी है, लेकिन अमेरिकी प्रतिक्रिया सबसे आक्रामक और विवादास्पद रही है। यह कानून, जो अपार्टहाइड-युग के पुराने कानून को बदलता है और कुछ मामलों में "nil compensation" (बिना मुआवजे के) भूमि अधिग्रहण की अनुमति देता है, को अमेरिका ने "नस्लीय भेदभाव" और "श्वेत किसानों के खिलाफ नरसंहार" का उपकरण करार दिया है। ट्रंप प्रशासन की कार्रवाइयों ने न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को ठंडा किया है, बल्कि G20 जैसी वैश्विक संस्थाओं को भी प्रभावित किया है। आइए, दिसंबर 2025 तक की नवीनतम स्थिति के आधार पर इसकी गहराई से चर्चा करें।

1. ट्रंप प्रशासन का आधिकारिक रुख: Executive Order 14204अमेरिकी प्रतिक्रिया का केंद्र बिंदु 7 फरवरी 2025 को जारी Executive Order 14204 ("Addressing Egregious Actions of the Republic of South Africa") है। व्हाइट हाउस ने इसे "दक्षिण अफ्रीका की नागरिकों के अधिकारों की अवहेलना" बताया, विशेष रूप से "ethnic minority Afrikaners’ agricultural property" (श्वेत अफ्रीकानेर किसानों की कृषि संपत्ति) को बिना मुआवजे के जब्त करने की अनुमति देने के लिए।
  • मुख्य प्रावधान:
    • सहायता रोकना: अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका को सभी विदेशी सहायता (USAID सहित) रोक दी, जो सालाना लगभग 440 मिलियन डॉलर का था (मुख्यतः HIV/AIDS कार्यक्रमों PEPFAR के लिए)। यह 1986 के Anti-Apartheid Act से उलट है, जहां अमेरिका ने अपार्टहाइड विरोधी सैंक्शन्स लगाए थे।
    • शरणार्थी पुनर्वास: अफ्रीकानेर (श्वेत दक्षिण अफ्रीकियों) को "नस्लीय भेदभाव के शिकार" मानकर US Refugee Admissions Program (USRAP) के तहत प्राथमिकता से शरण देने का आदेश। "Mission South Africa" नामक कार्यक्रम शुरू हुआ, जहां प्रिटोरिया में रिफ्यूजी सेंटर बनाए गए। दिसंबर 2025 तक 8,200 से अधिक आवेदन आए, लेकिन सिर्फ 100 को मंजूरी मिली।
    • कारण: आदेश में दक्षिण अफ्रीका की "rights violations" (अधिकार हनन), "hateful rhetoric" (जैसे "Kill the Boer" नारे), और "undermining US foreign policy" (अमेरिकी विदेश नीति को कमजोर करना) का जिक्र है। इसमें इजराइल के खिलाफ ICJ केस (गाजा जेनोसाइड) को भी जोड़ा गया, जो अमेरिकी सहयोगी इजराइल के खिलाफ माना गया।
ट्रंप ने Truth Social पर लिखा: "South Africa is confiscating land, and treating certain classes of people VERY BADLY. The United States won't stand for it." उन्होंने इसे "white genocide" (श्वेत नरसंहार) से जोड़ा, जो 2018 के अपने पुराने ट्वीट से प्रेरित लगता है।2. ट्रंप और मस्क का व्यक्तिगत प्रभावट्रंप की प्रतिक्रिया में एलन मस्क (जो जोहान्सबर्ग में पैदा हुए) की भूमिका प्रमुख है। मस्क ने X पर रामफोसा से पूछा: "तुम्हारी सरकार श्वेत लोगों के नरसंहार को क्यों अनदेखा कर रही है?" TIME पत्रिका के अनुसार, मस्क और ट्रंप के सहयोगियों ने इसे "रिवर्स रेसिज्म" (उल्टा नस्लवाद) का नैरेटिव दिया। X पर हालिया पोस्ट्स में ट्रंप के G20 बहिष्कार को "genocide" से जोड़ा गया है।
  • X पर बहस: नवीनतम पोस्ट्स (नवंबर-दिसंबर 2025) में यूजर्स ट्रंप के दावों को "real policy & real blood" बताते हैं, जबकि अन्य इसे "misinformation" कहते हैं। उदाहरण: एक पोस्ट में लिखा, "Trump isn’t inventing 'white genocide'—he’s reacting to real policy." एक अन्य में Grok को टैग कर पूछा गया कि ट्रंप का दावा कहां से आया, क्योंकि कोई फार्म जब्ती नहीं हुई।
3. राजनीतिक और आर्थिक कदम
  • G20 बहिष्कार: नवंबर 2025 के जोहान्सबर्ग G20 समिट का अमेरिका ने पूर्ण बहिष्कार किया। ट्रंप ने कहा, "South Africa refused to hand off the G20 Presidency... they are killing white people." 2026 का G20 (मियामी) में दक्षिण अफ्रीका को आमंत्रित नहीं किया जाएगा; पोलैंड को नया सदस्य बनाया जा रहा है।
  • AGOA खतरा: African Growth and Opportunity Act (AGOA) से दक्षिण अफ्रीका को बाहर करने का प्रस्ताव। सीनेटर जॉन कैनेडी का बिल (सितंबर 2025) AGOA को दो साल बढ़ाता है लेकिन दक्षिण अफ्रीका को बाहर करता है, जो 7 बिलियन डॉलर निर्यात प्रभावित करेगा। X पर पोस्ट्स में इसे "ANC's failed crime policies" से जोड़ा गया।
  • राजनयिक तनाव: विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने समिट बहिष्कार किया। स्टेट डिपार्टमेंट की 2024 रिपोर्ट ने "credible abuses against racial minorities" का जिक्र किया।
4. अमेरिकी प्रतिक्रिया के कारण: नस्लवाद या जियोपॉलिटिक्स?अमेरिका का रुख बहुआयामी है:
  • नस्लीय नैरेटिव: ट्रंप इसे "reverse apartheid" बताते हैं, जहां श्वेत किसानों (72% कृषि भूमि के मालिक) को लक्षित किया जा रहा। लेकिन Africa Check जैसे फैक्ट-चेकर्स कहते हैं कि कानून नस्ल-तटस्थ है और "nil compensation" अपवादस्वरूप। फार्म अटैक्स (2023 में 49 हत्याएं) आर्थिक अपराध हैं, न कि नरसंहार।
  • जियोपॉलिटिकल: दक्षिण अफ्रीका की BRICS भूमिका, ईरान-UAE से संबंध, और ICJ में इजराइल के खिलाफ केस अमेरिकी हितों के खिलाफ हैं। X पोस्ट्स में इसे "Iran ties" से जोड़ा गया।
  • लॉबिंग: AfriForum जैसे संगठनों ने वाशिंगटन में प्रचार किया, लेकिन ट्रंप का रुख पहले से था।
5. दक्षिण अफ्रीकी पक्ष और प्रभावदक्षिण अफ्रीका ने इसे "misinformation" कहा। रामफोसा ने कहा, "यह कोई जब्ती का औजार नहीं।" DA (विपक्ष) ने चिंता जताई लेकिन संबंध सुधारने की कोशिश की। प्रभाव: FDI 15% गिर सकता है, लेकिन BRICS से सहायता बढ़ी (NDB से 1.2 बिलियन डॉलर)।अमेरिकी प्रतिक्रिया की तुलना (Table)
पहलू
अमेरिकी कार्रवाई
प्रभाव/टिप्पणी
सहायता
USAID/PEPFAR रोक (440M$/वर्ष)
HIV कार्यक्रम प्रभावित; दक्षिण अफ्रीका BRICS की ओर
शरण
अफ्रीकानेर को प्राथमिकता (8,200 आवेदन)
अधिकांश ठुकराया; "privileged" समूह पर विवाद
G20
बहिष्कार; 2026 से बाहर
"New G20" का जन्म; वैश्विक दक्षिण का विरोध
AGOA
बाहर करने का बिल
7B$ निर्यात खतरे में; ट्रेड हिट
नैरेटिव
"White genocide"
फैक्ट-चेकर्स द्वारा खारिज; राजनीतिक अतिशयोक्ति
अमेरिकी प्रतिक्रिया "America First" नीति का हिस्सा लगती है, जो ग्लोबल साउथ को कमजोर करने की कोशिश है। लेकिन यह दक्षिण अफ्रीका को BRICS की ओर धकेल रही है। अगर और डिटेल्स (जैसे X पोस्ट्स की गहराई) चाहिए, तो बताओ!

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