शिक्षा, बेरोजगारी और राजनीतिक पारदर्शिता: भारत का वर्तमान परिदृश्य Education, Unemployment, and Political Transparency: India Today
भारत में शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षित बेरोजगारी और राजनीतिक नेतृत्व की पारदर्शिता गंभीर चिंता के विषय हैं। दिसंबर 2025 तक PLFS के अनुसार कुल बेरोजगारी दर 5.1-5.6% के आसपास है, लेकिन युवा बेरोजगारी 13-15% और शिक्षित युवाओं में यह दर काफी ऊंची है (ILO/World Bank: उच्च शिक्षा प्राप्तों में 13-29%)। NEP 2020 के कार्यान्वयन में प्रगति हुई है, लेकिन डिजिटल डिवाइड और स्किल गैप बरकरार हैं। राजनीतिक नेताओं की योग्यता पर सवाल लोकतंत्र की जवाबदेही को प्रभावित करते हैं। यह लेख 2025 के प्रमाणित आंकड़ों पर आधारित है।
शिक्षा की दुर्दशा: संस्थागत और संरचनात्मक समस्याएँ
Education Crisis: Institutional and Structural Challenges
NEP 2020 के तहत सुधार चल रहे हैं—5+3+3+4 संरचना, व्यावहारिक शिक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का विस्तार (2025 तक 67-82% संस्थानों में हाइब्रिड लर्निंग)। NISHTHA से शिक्षक प्रशिक्षण बढ़ा है।
लेकिन चुनौतियां गंभीर हैं:
- अप्रासंगिक पाठ्यक्रम और रटंत प्रणाली।
- ग्रामीण स्कूलों में इंफ्रा और शिक्षक कमी (ASER: बुनियादी पढ़ाई में कमी)।
- डिजिटल असमानता: ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच सीमित।
- फंडिंग: GDP का 3-4% (NEP सिफारिश 6%)।
परिणाम: व्यावहारिक कौशल की कमी, जो बेरोजगारी बढ़ाती है।
शिक्षित बेरोजगारी: युवाओं का संकट
Educated Unemployment: The Youth Dilemma
हर साल करोड़ों शिक्षित युवा बाजार में प्रवेश करते हैं, लेकिन स्किल मिसमैच से नौकरियां नहीं मिलतीं।
2025 आंकड़े:
- कुल बेरोजगारी: 5.1-5.6% (PLFS/CMIE)।
- युवा (15-29): 13-15%।
- शिक्षितों में: 65-66% बेरोजगार उच्च शिक्षित (ILO: स्नातकों में 18-29%)।
कारण: डिग्री पर जोर, उद्योग-योग्य कौशल की कमी। परिणाम: असंतोष, मानसिक तनाव और सामाजिक अस्थिरता।
राजनीतिक नेतृत्व और पारदर्शिता का संकट
Political Leadership and Transparency Crisis
संविधान में नेताओं के लिए न्यूनतम योग्यता नहीं, जो विविधता दिखाता है लेकिन पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
उदाहरण (2025):
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष: जे.पी. नड्डा (उच्च शिक्षित: BA, LLB)। हाल में नितिन नवीन कार्यकारी अध्यक्ष बने।
- प्रधानमंत्री मोदी: डिग्री विवाद—दिल्ली हाई कोर्ट ने 2025 में सार्वजनिक न करने की अनुमति दी (निजी जानकारी)।
- तेजस्वी यादव (पूर्व उपमुख्यमंत्री): कक्षा 9 तक पढ़ाई।
प्रभाव: नीति निर्माण में विशेषज्ञता की आशंका, जनता में अविश्वास। कई नेता उच्च शिक्षित हैं, संतुलन दिखाता है।
समाधान और सुधार की दिशा
Path to Reform and Solutions
- NEP तेज लागू: व्यावहारिक प्रशिक्षण, डिजिटल पहुंच।
- स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन।
- पारदर्शिता: योग्यता सत्यापन और जवाबदेही।
- युवा भागीदारी बढ़ाएं।
निष्कर्ष: सुधार आवश्यक
Conclusion: Reform is Crucial
ये मुद्दे जुड़े हैं—बेहतर शिक्षा से बेरोजगारी कम, पारदर्शी नेतृत्व से सुधार तेज। 2025 में प्रगति है, लेकिन गैप भरना जरूरी। सुधार से डेमोग्राफिक डिविडेंड का लाभ मिलेगा।






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