भारत और चीन के एक साथ आने का भारत पर प्रभाव
भारत और चीन के एक साथ आने का भारत पर प्रभाव पश्चिमी दुनिया एशिया मेन एक नए महा युद्ध की जमीन तलाश रही है | भारत और चीन को आपस मेन उलझाने की कोशिश मेन है | आज एक ब्रिटीश एक्सपर्ट का बयान देखकर आश्चर्य नेहीन हुआ कि भारत को पाकिस्तान को छोड चीन पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए | पर क्यों ? पश्चिमी आर्थिक सामरिक वर्चस्व को चुनौती देने वाली दो एशियाई टकटो को कमजोर कर अमेरिका-यूरोप का सदाबहार बरचसव स्थापित करना इसका एक मात्र कारण है | एशिया का विकास रोकने के लिए ही अमेरिका एशिया की आतंकवादी शक्तियों का पोषक और एशियाई भूमि की अशांति का हेतु रहा है | यदि ये दोनों शक्तियाँ इन संभावनाओं और यूरोपीय दुर्भावनाओं को धता बताते हुए साथ आजाएँ तो क्या हो सकता है ? इसकी एक झलक यहाँ प्रस्तुत है | भारत और चीन के एक साथ आने का भारत पर प्रभाव 21वीं सदी को एशिया की सदी कहा जा रहा है, और इसमें दो मुख्य देश — भारत और चीन — वैश्विक स्तर पर निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। यदि ये दोनों देश सहयोग के पथ पर आते हैं, तो यह भारत के लिए कई मायनों में लाभदायक, तो कई मायनों में चुनौतीपूर्ण भी हो...